Idea from ‘ Meghdutam’
When Yaksh sends Cloud as a messenger to his love……

सावन पूछ रहा था तेरे बारे में
चन्दा घुट घुट के है जीता तारे में |longdistance.jpg

मै तो हु यही
पर तू संग नहीं
आखिर बात क्या है ये तो बता
मुझको अब तू यू ना और सता

ख्वाबो में हु ढूंढ़ता तुझको मै टटोरता
लम्हा बीत गया जो उसको ही संजोरता

सावन पूछ रहा था सावन पूछ रहा था|

उसने पूछा क्या हुआ रब भी देता जिसे दुआ
सपना वो क्यों टूट गया? बंधन वो क्यों छूट गया

मै तो कुछ भी कह ना सका
अपने दिल को मूक रखा
वक़्त भी एक नदी थी जिसमे
सब कुछ बहते चला गया

ख्वाबो में हु ढूंढ़ता तुझको मै टटोरता9fb638ddcc1ae1f94a9a9e45981595a6
लम्हा बीत गया जो उसको ही संजोरता

सावन पूछ रहा था सावन पूछ रहा था|

वो भी दीवाना मुझ जैसा पूछे अब बरसू कैसा
उससे मिलने अब में चल दू तेरी कविता उसे सूना दू

मै भी बोला उसे सूना जा

मेरी हालत उसे बता जा
रोज दर्द ये सेहता हु
अब तो बस ये कहता हु

ख्वाबो में हु ढूंढ़ता तुझको मै टटोरता
लम्हा बीत गया जो उसको ही संजोरता

सावन पूछ रहा था सावन पूछ रहा था|

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